बाबा जी को भक्त नीब करोली (नीम करोली) या बाबा लक्ष्मण दास जैसे कई नामों से जानते है। गांव नीब करोली के पास ही बाबा ने गुफा में कई वर्ष हनुमान जी की तपस्या की और सिद्ध हुए। गांव नीब करोली में कई बुजुर्ग पहले इस घटना के समय को याद करते थे और बताते थे। गांव के पास आज भी बाबा के नाम पर स्टेशन का नाम बाबा लक्ष्मण दास दिखाई पड़ता है।
ट्रेन रुकने का चमत्कार
जन श्रुति के अनुसार कहानी की शुरुआत होती है ट्रेन के सफर से जहाँ टिकट चेक करने वाला एक बाबा से टिकट मांगता है और नहीं होने पर उन्हें नीचे उतरने को कहता है लेकिन आश्चर्य की बात की है उनके उतरते ही ट्रेन भी रुक जाती है। तब यात्री उन्हें बाबा से माफ़ी मांग कर उन्हें वापस चढ़ाने को कहते है हैं जैसे ही ऐसा होता है वह ट्रेन दुबारा चल पड़ती है और यही से इसके बाद बाबा बहुत प्रचलित हो गए उन्हीं के नाम पर बाबा लक्ष्मण दास स्टेशन बनाया गया नीब करोली गांव के पास। यहाँ के बाद बाबा की ख्याति दुनिया में फ़ैल गई।
विदेशी भक्त ने अनुभव की बाबा की शक्ति
यूं तो बाबा के चमत्कारों की एक लम्बी सूची है लेकिन कुछ घटनाये मैं पाठको के लिए बता हूँ जो विदेशी भक्तो द्वारा बताये गए है। है । राम दास एक विदेशी भक्त थे जिन्हे ये नाम बाबा द्वारा दिया गया था । ये बहुत धनी और उच्च कोटि के विद्वान थे . ये प्रख्यात विदेशी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर थे और अध्यात्म की तलाश में भारत आये और बाबा के भक्त हो गये। राम दास बताते है की नशे की गोलियां लेने के कारण वे इसके आदि हो चुके थे लेकिंग भारत भ्रमण के दौरान जब बाबा को पता चला तो उन्होंने उससे वह गोलियां मांगी और बाबा ने वे सारी गोलियां बिना संकोच के निगल ली तो वह विदेशी सोचने लगा की अब मज़ा आएगा जब एक गोली इतना असर दिखाती हैं तो इतने बड़ी मात्रा का असर क्या होगा लेकिन वह हैरान रह गया जब इसका कोई असर बाबा पर नहीं हुआ। वह और उसका सारा पश्चिम विज्ञानं पाया दिमाग अचरज से भर गया क्योंकि जो वो देख रहा था वो विज्ञानं के हिसाब से असंभव था। यह संस्मरण उन्होंने अपने किताब में भी लिखा है। यही से वे जीवन भर के लिए बाबा के शिष्य बन गए और हनुमानजी के भक्त हो गए. ऐसे कई चमत्कारों का जिक्र उन्होंने अपने पुस्तक में किया हैं।
बाबा के कुछ विख्यात विदेशी भक्त और उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक:-
- राम दास (Richard Alpert) – यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और “Be Here Now” किताब के लेखक।
- “Miracle of Love”- राम दास द्वारा (किताब के लेखक)
- कृष्ण दास (विदेशी भक्त )- कीर्तन वाला फाउंडेशन के जनक
- मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) और स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) ने भी उनके बारे में सुना और प्रभावित हुए।
बाबा का सरल सन्देश
बाबा ने स्वयं कोई किताब नहीं लिखी या उनका रिकार्डेड (Recorded ) कोई व्याख्यान हमे उपलब्ध नहीं मिलता हैं। उन्होंने कभी धन, प्रसिद्धि या प्रचार में रुचि नहीं ली। लेकिन उन्होंने अपने सदा जीवन जीने के तरीके और उनके आश्रमों में हज़ारों लोगों को निःशुल्क भोजन दिया जाना और लोगो की सेवा और प्यार करना ही बताता हैं की उनका सन्देश बड़ा सरल हैं।
“Love All, Serve All” – उनका प्रसिद्ध संदेश, जो दुनियाभर में फैला।
कुछ प्रसिद्ध मंदिर
यूं तो बाबा की प्रेरणा से हनुमानजी के बहुत से मंदिरो की स्थापना हुई है , मैं कुछ का विवरण यहाँ दे रहा हूँ :-
नीम करोरी हनुमान मंदिर ,नीब करोरी ,उत्तरप्रदेश
वृंदावन मंदिर ,उत्तरप्रदेश
बबनिया हनुमान मंदिर ,गुजरात
हनुमानगढ़ी ,नैनीताल
भूमिया धार मंदिर ,नैनीताल
कैंची धाम ,नैनीताल
वृंदावन मंदिर ,उत्तरप्रदेश